'अकाल और उसके बाद' कविता की पंक्तियां पड़े और नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर लिखें :
कई दिनों तक चूल्हा, रोया चक्की रही उदास
कई दिनों तक कानी कुत्तिया सोई उनके पास
कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलियों की गश्त
कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त
1. सही प्रस्ताव चुनकर लिखें |
क ) घर के अंदर छिपकलियों कई दिनों तक सोती रहीँ |
ख ) घर के अंदर छिपकलियों कई दिनों तक घूमती रहीँ |
ग ) घर के अंदर छिपकलियों कई दिनों तक चुप रहीँ |
घ ) घर के अंदर छिपकलियों कई दिनों तक खाती रहीँ |
उत्तर : घर के अंदर छिपकलियों कई दिनों तक घूमती रहीँ |
2. सही प्रस्ताव चुनकर लिखें |
क ) कानी कुतिया घर का अंदर सोती है |
ख ) कानी कुतिया चूल्हा और चक्की के पास खाती है |
ग ) कानी कुतिया चूल्हा और चक्की के पास सोती है |
घ ) कानी कुतिया चूल्हा और चक्की के पास खड़ा है |
उत्तर : कानी कुतिया चूल्हा और चक्की के पास सोती है |
3. यह हम किस हालात का चित्रण है ?
उत्तर : अकाल का
4. चूल्हा और चक्की क्यों दुखी रहते हैं ?
उत्तर : घर में भोजन न होने के कारण चूल्हा और चक्की को कोई उपयोग नहीं है | इसलिए वे दुखी रहते हैं |
5. ये पंक्तियां किस हालत की और इशारा करती है?
उत्तर : अकाल
6. 'कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्' - इस पंक्ति से आप क्या समझते हैं?
उत्तर : इसका मतलब यह है कि अकाल के समय में घर के सभी आदमियों के अलावा वहाँ रहनेवाला सभी जीव जंतुओं को हालत भी कठिनाई होती है |
7. इन पंक्तियों में किस हालात का चित्रण है?
क ) संपन्नता की ख ) गरीबी की ग ) महामारी की घ ) लड़ाई की
उत्तर : गरीबी की
8. 'चूल्हा का रोना और चक्की का उदास होना' - का मतलब क्या है?
उत्तर : घर में भोजन न होने के कारण चूल्हा और चक्की को कोई उपयोग नहीं है | इसलिए वे दुखी रहते हैं |
9. खेती नहीं तो खाना नहीं | खेती ही जीवन का आधार है| खेती का महत्त्व का संदेश देते हुए एक पोस्टर तैयार करें |
उत्तर :
'अकाल और उसके बाद' कविता की पंक्तियां पड़े और नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर लिखें :
दाने आए घर के अंदर कई दिनों के बाद
धुँआ उड़ा आंगन से ऊपर कई दिनों के बाद
चमक उठी घर भर की आंखें कई दिनों के बाद
कौए ने खुजलाई पांखे कई दिनों के बाद
10. ये पंक्तियां किस हालत की और इशारा करती है?
उत्तर : अकाल के बाद
11. 'कई दिनों के बाद घर में भोजन आया '- यह आशय देते हुए पंक्ति कविता से चुनकर लिखें |
उत्तर : दाने आए घर के अंदर कई दिनों के बाद
12. 'चमक उठी घर भर की आंखें' - इसका मतलब क्या है?
उत्तर : कई दिनों के बाद घर में भोजन आया | इसीलिए घर के सभी आदमी और जीव - जंतुओं की आंखें ख़ुशी से चमक उठी |
13. कवितांश के आधार पर सही मिलान करें |
घर के अंदर - चमक उठी
कौए ने - दाने आए
घर भर की आँखे - पांखे खुजलाई
उत्तर :
घर के अंदर - दाने आए
कौए ने - पांखे खुजलाई
घर भर की आँखे - चमक उठी
14. कवी और कविता का परिचय देते हुए 'अकाल और उसके बाद' कविता का आशय लिखें |
अकाल और उसके बाद
हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि श्री नागार्जुन की एक सुन्दर कविता है 'अकाल और उसके बाद' | इस कविता में कवि अकाल और उसके बाद के समय के बारे में चित्रित करते हैं | प्रस्तुत कविता से कवि मनुष्य के अलावा घर के सभी जीव जंतुओं के हालत की ओर इशारा करते हैं | वे कहते है कि मनुष्य की तरह सभी जीव जंतुओं को भी अकाल में परेशान होते हैं |
कविता के पहले चार पंक्तियों में कवि अकाल की भीषण स्थिति का चित्रण किया है। चूल्हे ओर चक्की के भावो को भी कवि ने दिखाया है। कवि कहते है कि घर में भोजन न होने के कारण चूल्हा और चक्की को कोई उपयोग नहीं है | इसलिए वे दुखी रहते हैं | भूख की कारण एक कानी कुतिया ने चूल्हा और चक्की के पास प्रतीक्षा से सो रही है | कीड़ो को न मिलने तो छिपकलियाँ परेशान होकर दीवारों पर गश्त करते है | चूहे भी खाना न मिलने की वजह से बहुत ही परेशान होते है |
कविता के आख़री पंक्तियों में कवि ने अकाल के बाद कि स्तिथि का चित्रण किया है। जब घर मे अनाज आते है तब वहाँ का सारा माहौल बदलता है | घर में कई दिनों के बाद चूल्हा जलता और आँगन के ऊपर से धुआं उठता है । खुशी होने से सभी घरवालों के आँखों में चमक उठने लगती हैं |घर मे धुंआ देखकर कौऐ को भी भोजन पाने की आशा होता है । वह भी प्रसन्ता से अपने पंख खुजलाने लगता है |
इस कविता की भाषा सहज एवं सरल है। यह एक प्रतीकात्मक काव्य है।
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